शिवसेना के बागी विधायकों को SC से मिली बड़ी राहत, डेप्युटी स्पीकर के नोटिस पर जवाब देने के लिए मिले 14 दिन

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सुप्रीम कोर्ट ने डेप्युटी स्पीकर के अयोग्यता नोटिस पर जवाब देने की आख़िरी तारीख़ को 12 जुलाई तक बढ़ाकर शिवसेना के बागी विधायकों को बड़ी राहत दी है। साथ ही राज्य सरकार को बागी विधायकों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

इससे पूर्व डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने 16 बागी विधायकों को अयोग्यता नोटिस जारी कर 27 जुलाई शाम 5.30 तक जवाब दाखिल करने को कहा था। जिसे जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने 12 जुलाई शाम 5.30 तक के लिए बढ़ा दिया है।

SC में बागी विधायकों का पक्ष सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल ने रखा, शिव सेना की तरफ़ से अभिषेक मनु सिंघवी और डेप्युटी स्पीकर की तरफ़ से सीनियर एडवोकेट राजीव धवन ने बहस की। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा।

SC ने डिप्टी स्पीकर, महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र पुलिस और केंद्र सरकार को पांच दिनों में सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। जिसके तीन दिन बाद याचिकाकर्ता अपना पक्ष रखेंगे। इस मामले में अब अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई के बाद सभी की नज़रें दोनों गुटों के अगले कदम पर है। शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने भाजपा के साथ गठबंधन करने की मंशा जताई है। हालाँकि संजय राउत भाजपा के साथ दोबारा आने की संभावनाओं को पहले ही टाल चुके हैं।

SC के आदेश के बाद अब डेप्युटी स्पीकर 12 जुलाई तक बागी विधायकों को अयोग्य नहीं ठहरा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बागी विधायक इन 14 दिनों में अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं। 

सीनियर एडवोकेट अदिश अग्रवाल ने Indian Legal reporter से बातचीत में इस बात की संभावना जतायी है। उन्होंने ने कहा कि भाजपा बागी विधायकों के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाने पर काम कर रही होगी। 

उद्धव ठाकरे समर्थकों का बागी विधायकों के प्रति रोष को देखते हुए बागी विधायक गुवाहाटी से ही वर्चूअल माध्यम से राज्यपाल के सामने परेड कर सकते हैं। जिसके बाद राज्यपाल उद्धव ठाकरे सरकार से बहुमत परीक्षण करने को कह सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट असोसीएशन के पूर्व सेक्रेटेरी केसी कौशिक की माने तो मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एनसीपी और कांग्रेस 12 जुलाई तक अविश्वास प्रस्ताव टालने का प्रयास करेगी। भाजपा अगर बागी विधायक की सहायता से अविश्वास प्रस्ताव लाती भी है तो वह उसे कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को शिवसेना के 55 विधायकों का लीडर बताते हुए केसी कौशिक ने कहा कि, जब तक नियम के अनुसार विधायक दल की बैठक कर उन्हें पद से नहीं हटाया जाता तब तक शिवसेना के नेता वही रहेंगे। इसमें क़ानूनी रूप से राज्यपाल कुछ नहीं कर सकते हैं।

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