केजरीवाल की सुरक्षा में चूक का मामला, दिल्ली पुलिस सीएम सचिवालय के साथ साझा करेगी जाँच रिपोर्ट

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एक तरफ़ पंजाब में सिंगर सिंधु मुसेवाला की हत्या के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार मुसेवाला की सुरक्षा हटाने को लेकर विपक्ष के निशाने पर है, वहीं दिल्ली के सीएम केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर उनकी ही पार्टी के विधायक ऐड़ी-चोटी का जोर लगाये हुए हैं। 

Kashmir Files फ़िल्म पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी के विरोध में उनके आवास के सामने धरना प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ और हिंसा को लेकर ग्रेटर कैलाश विधायक सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। उन्होंने इस पूरे मामले की जाँच विशेष जाँच दल (SIT) से करवाने और दिल्ली पुलिस पर FIR दर्ज करने की माँग की थी।

आज सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अभी तक की गई जांच और अधिकारियों द्वारा सुरक्षा में हुई कथित चूक से सम्बंधित स्टेट्स रिपोर्ट सीएम सचिवालय के साथ सिलबंद लिफ़ाफ़े में साझा करने का निर्देश दिया है। 

आप विधायक की माँग को किया ख़ारिज 

मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़े मामले को संवेदनशील मानते हुए कोर्ट ने आप विधायक और याचिकाकर्ता सौरभ भारद्वाज के साथ रिपोर्ट को साझा करने से मना कर दिया। हालाँकि बेंच ने शुरू में याचिकाकर्ताओं के साथ रिपोर्ट साझा करने की इच्छा व्यक्त की थी। जिसपर दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने ऐतराज जताया और कहा कि संवैधानिक अदालत के समक्ष एक जनहित याचिकाकर्ता की स्थिति एक मुखबिर की है। 

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के पक्ष से सहमत एक्टिंग चीफ़ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस सचिन दत्ता की बेंच ने अपने आदेश में कहा- “हमारे पिछले आदेश के संदर्भ में स्टेटस रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई है। हमने इसका अवलोकन किया है। चूंकि यह मुख्यमंत्री के आवास पर उनकी सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित है, हम याचिकाकर्ता के साथ इसे साझा करने के लिए इच्छुक नहीं हैं। हालांकि, रिपोर्ट की एक प्रति सीएम को भेजी जाए”

दिल्ली पुलिस ने की याचिका बंद करने की अपील 

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने इसे दिल्ली पुलिस और हाईकोर्ट के बीच का मामला बताया, उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने इस मामले से कोर्ट को अवगत कराया है लेकिन अब यह दिल्ली पुलिस और कोर्ट का मामला है। इस लिहाज से इस याचिका को बंद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने ने कोर्ट से अपील की कि अगर स्टेट्स रिपोर्ट संतोषजनक है तो याचिका को बंद कर दिया जाए।

हालाँकि याचिकाकर्ता सौरभ भारद्वाज का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और राहुल मेहरा ने अदालत से उन्हें सुनवाई में भाग लेने और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया। 

सीएम आवास के बाहर लागू हो धारा 144

एडवोकेट राहुल मेहरा ने कहा- “दिल्ली में बहुत सारे पदाधिकारी हैं और यह ऐसी तीसरी घटना है। सिर्फ एक सड़क को विरोध मुक्त बनाने में इतना मुश्किल क्या है? वे इतने संकोच क्यों कर रहे हैं? राष्ट्रपति भवन के बाहर धारा 144 लागू है फिर सीएम आवास के बाहर करने में क्या कठिनाई है?

हाईकोर्ट जता चुका है अंसतोष

इससे पूर्व 25 अप्रैल को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जाँच पर असंतोष जताया था। हाईकोर्ट ने पुलिस कमिशनर को सुरक्षा के पर्याप्त इंतेजाम, सुरक्षा में हुई चूक का कारण और उसके लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए निर्देशित कर स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। जिसके जवाब में पुलिस कमिशनर ने सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन, और गेट्स पर किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी दी लेकिन कोर्ट ने जारी जाँच से सम्बंधित एक और स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। 

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