CJI के पहले 100 दिन…. मामलों के निपटारे में आयी तेज़ी, तकनीक पर रहा ज़ोर

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देश के 50वें CJI डी वीआई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के सौ दिन पूरे हो चुके है. इन सौ दिनों में जस्टिस चन्द्रचूड़ के नेतृत्व मे सुप्रीम कोर्ट नें 12471 मामले निपटाएं. 2019 के बाद सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 34  हो गई है. बता दें, सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या भी 34 ही है.जानिए इन सौ दिनों के सीजेआई डीवीआई चंद्रचूड़ के कार्यकाल में क्या कुछ खास रहा.

सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या  हुई पूरी

2019 के बाद यानी कि चार साल बाद वो मौका आया जब सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत पदों के हिसाब से 34 जज मिलें. लेकिन इस संख्या तक का रास्ता थोडा मुश्किल भी रहा. कोलेजियम को लेकर दो संवैधानिक संस्था आमनें सामनें भी थे. सीजेआई को कोर्ट मे यह तक कहना पडा कि हमें सख्त कदम उठानें पर मजबूर ना करें. तो वहीं कोलेजियम के मिनट्स को पब्लिक डोमेन पर भी रखा गया. जिसके बाद कोलेजियम के अधितकर Recommendations को सरकार से मंज़ूरी मिल जाती है. हालांकि 2023 मे 8 जज रिटायर भी हो रहे हैं.

पीएम मोदी ने की CJI चंद्रचूड़ की तारीफ

इन सौ दिनो में ऐसा मौका भी आया जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नें CJI चंद्रचूड़ की तारीफ की और उनके एक फैसले को बेहतर फैसला बताया. दरअसल वो फैसला था
क्षेत्रीय भाषाओं में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को उपलब्ध कराना. ये बात चीफ जस्टिस ने कही और ये भी कहा कि इस तरफ काम किया जा रहा है. तकनीक के इस्‍तेमाल से
ये काम संभव भी होता दिख रहा है. पीएम ने इसकी तारीफ करते हुए कहा कि इससे कई लोगों और खासतौर से युवा वर्ग को मदद मिलेगी. हाल ही में CJI चंद्रचूड़ नें एक कार्यक्रम में बताया कि अब कोर्ट के फैसले की कापी का हिन्दी, गुजराती, ओडिया और तमिल में अनुवाद किया जायेगा.

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जब Virtual Hearing को लेकर नाराज़ हुये CJI चंद्रचूड़

CJI चंद्रचूड़ JUDICIARY में तकनीक के पक्षधर हैं. यही वजह रही कि वो देश के High Courts में वर्चुअल सुनवाई के लिए किए गये इंतेज़ाम के बेहतर तरीके से इस्तेमाल ना करने पर CJI DY Chandrachud ने कड़ी नाराजगी भी जाहिर की. CJI चंद्रचूड़ ने ये भी कहा कि कुछ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वर्चुअल सुनवाई और टेक्नोलॉजी से मुंह मोड़ रहे हैं, और उन्हें इसकी जानकारी है. आप पब्लिक मनी का इस तरह से बेजा इस्तेमाल नहीं कर सकते. बता दें कि, CJI चंद्रचूड़ सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति के प्रमुख भी हैं

कोर्ट रुम में दिखा CJI DY Chandrachud का अलग अंदाज़

CJI DY Chandrachud कोर्ट मे वकीलों से संवाद करने में भी माहिर हैं.कभी-कभी उनकी सुनवाई के दौरान कई बार कुछ खास पल भी देखने को मिले.ऐसा ही कुछ हुआ जब सविंधान पीठ महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट पर सुनवाई कर रही थी उस समय उद्धव ठाकरे गुट की तरफ से पेश हुए सीनीयर वकील कपिल सिब्बल बहस के दौरान एक पेपर पर कुछ पढ़ने लगे. इसके लिए CJI DY Chandrachud ने उन्हें टोका और पूछा कि मिस्टर सिब्बल आप पेपर पर क्या लिखा पढ़ रहे हैं? इस प्रश्न के जवाब में सिब्बल ने कहा कि मैं अभी भी सीख रहा हूं, कृपया हमें हाइब्रिड सामग्री इस्तेमाल करने की इजाजत दें…। जिस पर CJI ने कहा कि अगर आप चाहते हैं तो हम आपके लिए एक और ट्रेनिंग सेशन आयोजित करा सकते हैं। सीजेआई ने मुस्कुराते हुए कहा कि हम आर्टिकल 142 भी यूज कर सकते हैं.

जब नरम रहनें वाले CJI हो गये तल्ख

CJI DY Chandrachud वकीलों के साथ सख्ती से भी पेश आते दिखे. ऐसा एक वाक्या उस वक्त देखनें को मिला जब सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह कोर्ट में बहस करने आए. दरअसल, SCBA अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह CJI की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच
से सुप्रीम कोर्ट में वकीलों के लिए चैंबर आवंटित करने वाले मामले की जल्द सुनवाई की मांग कर रहे थे. इसी दौरान विकास सिंह ने कहा कि पिछले कई मौकों पर इस
केस पर सुनवाई नहीं हो सकी है. जिसपर उनसे CJI ने कहा कि ये उनका कोर्ट है और वहीं तय करेंगे कि कब और किस तरीके से काम होगा. किसी को भी उन्हें डिक्टेट करने का प्रयास नहीं करना चाहिए.

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सुप्रीम कोर्ट नें 4 फरवरी को मनाया अपना पहला स्थापना दिवस

इस साल सबसे बड़ी बात ये हुई कि चीफ जस्टिस के आने के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने 4 फरवरी को आपना स्थापना दिवस मनाया. ये वहीं तारीख थी जब देश की सर्वोच्च अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट नें पहली बार अपना स्थापना दिवस मनाया.इस मौके पर सिंगापुर के चीफ जस्टिस सुंदरेश मेनन ने बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की. उस दिन 73 सालों में पहली बार सुप्रीम कोर्ट का स्थापना दिवस मनाया गया.

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जो बदलाव CJI चंद्रचूड़ के कार्यकाल में देखा जा सकता है

एक बड़ा बदलाव जो सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही देखा सकता है वह मामलों की ई-फाइलिंग के संबंध में है, ताकि प्रक्रिया को ज्यादा आसान, निर्बाध और उपयोगकर्ता के अनुकूल
बनाया जा सके.वकीलों, कानून के छात्रों और बड़े पैमाने पर जनता को 34,000 से अधिक निर्णय मुफ्त में उपलब्ध कराना सीजेआई का दृष्टिकोण था. अबतक 3,000 से
अधिक फैसलों को क्षेत्रिय भाषा में translate किया जा चुका है. पर्यावरण को बचाने के मकसद से CJI चंद्रचूड़ ने कोर्ट में वकीलों की मौजूदगी मे एक Paper less System की शुरुआत की और Supreme Court  के सभी Internal Communication के लिए एक नई E-Mail Policy भी पेश की.सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए एंट्री पास सिस्टम और आसान किया जा सकता है.

Khurram Nizami
Khurram Nizami

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